वणी टाईम्स न्यूज | हमारे समाज में महिलाएं अपने परिवार की आधारशिला होती है। लेकिन अक्सर वो अपने स्वास्थ्य को सबसे अंत में प्राथमिकता देती है। घर, परिवार और अपने कार्यस्थल की दोहरी जिम्मेदारियों के कारण उन्हें मानसिक व शारीरिक थकान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं ने अपनों के साथ साथ अपने खुद के स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। उक्त विचार शहर की जानीमानी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ.करुणा कोठारी (जैन) ने व्यक्त किए।


वर्धमान स्थानकवासी जैन महिला मंडल द्वारा 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्थानीय आनंद भवन में आयोजित कार्यक्रम में निमंत्रित अतिथि के रूप बोलते हुए डॉ. कोठारी ने आगे कहा कि महिला स्वयं स्वस्थ व खुश रहेगी तो ही वह अपने परिवार व समाज को खुशी दे पाएगी। शरीर स्वस्थ रहेगा तभी आप धर्म आराधना व तप कर सकती है। इसीलिये आज महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाएं यह प्रण करे कि वो अपने स्वास्थ्य के लिए गृहकार्य के अलावा कम से कम आधा घंटा जरूर व्यायाम करेगी।
इस अवसर पर मार्गदर्शक अतिथी एड. पूजा डी. मत्ते ने महिलाओ के कानूनी अधिकार व बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण विषय पर उपस्थित महिलाओं का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगराध्यक्ष विद्या खेमराज आत्राम, वर्धमान स्थानकवासी जैन महिला मंडल की अध्यक्ष नंदा अशोक भंडारी, सचिव विद्या मुथा व भूतपूर्व अध्यक्ष प्रतिभा चोरड़िया उपस्थित थी। कार्यक्रम में जैन समाज की सैकड़ो महिलाओं की उपस्थिति थी।










