जितेंद्र कोठारी, वणी | वणी क्षेत्र के वेस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (WCL) के वणी नॉर्थ एरिया में जारी कोयला परिवहन अब स्थानीय नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण वाहतूक सेना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए राज्य के परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। संगठन के राज्य उपाध्यक्ष इरशाद खान ने कोयला परिवहन में हो रही अनियमितताओं और आरटीओ विभाग की कथित लापरवाही व भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्र में बताया गया है कि वणी नॉर्थ एरिया में कोयला ढुलाई के लिए उपयोग किए जा रहे कई भारी वाहन अत्यंत जर्जर हालत में हैं और उनके पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र भी नहीं है। यह स्थिति मोटर वाहन अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 का खुला उल्लंघन है। इसके बावजूद ये वाहन सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ओवरलोडिंग हो रही है, लेकिन स्थानीय उप-प्रादेशिक परिवहन विभाग (आरटीओ) इस ओर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है। इरशाद खान ने आरोप लगाया कि आरटीओ अधिकारियों और कोयला परिवहन से जुड़े ठेकेदारों के बीच आर्थिक सांठगांठ के कारण नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है और दुर्घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में भालर स्थित नारायणा ओ.बी. कंपनी में एक बाहरी राज्य के मजदूर की मौत का मामला भी सामने आया था, जिसे दबाने की कोशिश की गई, ऐसा भी पत्र में उल्लेख किया गया है।
इरशाद खान ने कहा कि इन हालातों में कोयला ढोने वाले ट्रक “सड़कों पर यमदूत” बन चुके हैं और आम नागरिकों की जान खतरे में है। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में सभी भारी वाहनों की फिटनेस जांच कर ओवरलोडिंग पर रोक नहीं लगाई गई, तो मनसे कोयला परिवहन ‘बंद’ आंदोलन शुरू करेगी। संगठन ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित आंदोलन के दौरान होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी पूरी तरह से परिवहन विभाग और WCL प्रशासन की होगी। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।










