वणी टाईम्स न्यूज | शहर के गंगशेट्टीवार मंगल कार्यालय परिसर में बिना अनुमति स्कूल बिल्डिंग के निर्माण को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। वणी नगर परिषद में विरोधी पक्ष के नगरसेवक सुधीर थेरे की शिकायत के बाद नगर परिषद मुख्याधिकारी ने जमीन मालिक प्रिया अभिनव भास्करवार के नाम नोटिस जारी कर निर्माण कार्य से संबंधित सभी परमिशन व वैध दस्तावेज जमा करने का का आदेश दिया है। सात दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगर रचना अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की चेतावनी नोटिस में दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार शहर के गंगशेट्टीवार मंगल कार्यालय परिसर में पिछले काफी समय से मैक्रून स्टूडेंट एकेडमी नामक स्कूल शुरु है। उक्त परिसर में ही प्रिया अभिनव भास्करवार के नाम से रजिस्टर्ड प्लॉट पर चार मंजिला स्कूल इमारत का निर्माण कार्य शुरु है। लेकिन आरोप है कि उक्त निर्माण कार्य के लिए नगर परिषद से आवश्यक परमिशन नहीं ली गई।
नगर परिषद मुख्याधिकारी द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि संबंधित निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा सात दिनों के भीतर सभी वैध दस्तावेज—जैसे मंजूर नक्शा, बांधकाम परवानगी, ले-आउट, 7/12 उतारा, कर पावती, अग्निशमन विभाग का एनओसी और अन्य आवश्यक कागजात कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं।
चार मंजिल तक निर्माण, फिर भी प्रशासन बेखबर?
सबसे गंभीर बात यह है कि बिना किसी वैध अनुमति के इमारत का निर्माण सीधे चार मंजिल तक पहुंच गया, लेकिन नगर परिषद के बांधकाम विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। इस पूरे मामले में नगर परिषद की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य बिना प्रशासन की जानकारी के संभव नहीं है। ऐसे में आर्थिक लेन-देन के जरिए “मूक सहमति” दिए जाने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है
दोनों पक्षों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग
इस प्रकरण में जहां एक ओर मैक्रोन स्कूल प्रबंधन द्वारा नियमों की अनदेखी कर अवैध निर्माण किए जाने का आरोप है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद के संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। नागरिकों ने मांग की है कि, इस मामले में केवल नोटिस देकर औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि मैक्रोन स्कूल प्रबंधन और नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों—दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी !
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो महाराष्ट्र नगर परिषद अधिनियम 1965 तथा महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगर रचना अधिनियम 1966 की संबंधित धाराओं (52, 53, 54) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस पूरे मामले ने वणी शहर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अवैध निर्माणों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। नागरिक अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर चार मंजिला इमारत खड़ी होने तक जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे थे।










