वणी टाईम्स न्यूज : कामगारों की हड़ताल के दौरान सीमेंट कंपनी के परिसर में जबरदस्ती घुसकर क्रशर मशीन बंद करने के आरोप में RCCPL सीमेंट कंपनी के 2 कामगारों के खिलाफ मुकुटबन पुलिस थाने में फौजदारी व न्यायालयीन अवमानना सहित विविध धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गणेश भोयर (आमलोन) व निकेश मुमतावार (हिरापुर) यह आरोपी कर्मचारियों के नाम है।
शिकायतकर्ता आरसीसीपीएल (RCCPL) कंपनी, मुकुटबन में कार्यरत अभिकृत अधिकारी दिलीप कुमार मिश्रा (57) ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार जनरल इंडस्ट्रीज कामगार यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 6 नवंबर 2025 से कामरेड अनिल हेपट के नेतृत्व में कंपनी के गेट नंबर 2 के सामने हड़ताल का आह्वान किया था। इस बाबत कंपनी प्रबन्धन द्वारा झरी न्यायालय में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इस यूनियन को कंपनी की सीमा से 1000 मीटर दूर रहकर हड़ताल करने का आदेश दिया था।
न्यायालय के आदेश के बावजूद 6 नवंबर को शाम करीब 5 बजकर 10 मिनट पर कंपनी के ठेकेदार के अंतर्गत कार्यरत आमलोण निवासी गणेश भोयर और हिरापुर निवासी निकेश मुमत्तावार बिना अनुमति के कंपनी की खदान क्षेत्र में पहुंचे। वहां उन्होंने क्रशर ऑपरेटर विकास मुदलवार से मशीन बंद करने को कहा। जब विकास ने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए इंकार किया, तो दोनों ने उसे धमकी दी कि अगर उसने क्रशर बंद नहीं किया तो वे उसे मशीन में धकेल देंगे और किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।
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धमकी देने के बाद निखेश मुमत्तावार ने गणेश भोयर से कहा कि “मैं तुम्हारे साथ हूं, क्रशर बंद कर दो।” इसके बाद गणेश भोयर ने शाम करीब 5:19 बजे आपातकालीन स्विच दबाकर क्रशर मशीन बंद कर दी। जिसकी जानकारी क्रशर ऑपरेटर विकास ने तत्काल मैनेजर अतुल वडेट्टीवार को दी। शिकायत के अनुसार आरोपियों की इस हरकत के चलते क्रशर मशीन लगभग एक घंटे तक बंद रही और इस वजह से कंपनी को करीब 1.50 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए कंपनी परिसर में जबरन प्रवेश किया और साजिशपूर्वक मशीन बंद कराई। इस मामले में दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के आधार पर मुकुटबन पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ फौजदारी कायदा धारा 7, न्यायालय अवमानना अधिनियम की धारा 12 व भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3), 329(4), 324(5) और 3(5) के तहत मामला कर जांच शुरू कर दी है।










