वणी टाईम्स न्यूज | विवाह के एक वर्ष के भीतर ही पति व ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा मानसिक व शारीरिक रुप से प्रताड़ित किए जाने के दो मामले उजागर हुए है। पीड़ित महिलाओं द्वारा वणी पुलिस थाने में दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने गढ़चिरौली जिले के 3 व तेलंगाना राज्य के आदिलाबाद जिला निवासी 6 लोगों के खिलाफ महिला अत्याचार का मामला दर्ज किया गया है।
पहले मामले में तहसील के एक गांव में अपनी दादी के साथ रह रही शिकायतकर्ता महिला का विवाह मई 2025 में गढ़चिरौली जिले के आरमोरी तहसील निवासी अक्षय मोतेकर के साथ हुआ था। शादी के कुछ दिनों बाद ही पति अक्षय उसके चरित्र पर संदेह कर उसके साथ मारपीट करने व सास ससुर द्वारा पति को भड़काने का आरोप महिला ने शिकायत में लगाया।
विवाहिता के पिता की मृत्यु के बाद स्थितियां और ज्यादा खराब हो गई। जिसके बाद विवाहिता ने वणी पुलिस थाने में पति अक्षय मोतेकर सहित सास व ससुर के खिलाफ तहरीर दी । मामला पति पत्नी के बीच विवाद का होने के कारण पुलिस ने प्रकरण पांढरकवडा स्थित महिला समेट कक्ष को भेज दिया। महिला कक्ष में दोनों पक्षों के बीच सुलह न होने के बाद विवाहिता ने ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
दूसरे मामले में शहर के एक इलाके की निवासी व पेशे से वकील आयशा (परिवर्तित नाम) ने मई 2025 में आदिलाबाद निवासी जावेद से प्रेमविवाह किया था। शिकायत के अनुसार निकाह के कुछ दिनों बाद ही आयशा के पति जावेद, सास- ससुर, दो ननदें, व बुआ सास ने उसके साथ विवाद शुरु कर दिया। इतना ही नहीं तो गाड़ी लेने के किए मायके से एक लाख रुपए व अनाज लाने के लिए भी शारीरिक व मानसिक रुप से प्रताड़ित करने लगे। जिसके बाद महिला अपने मायके लौट आई।
मायके में तबियत खराब होने पर आयशाने जब महिला चिकित्सक को दिखाया तो वो गर्भवती होने की बात सामने आई। इस बारे में जब आयशा की मां ने आयशा की सास को फोन करके उसके जानकारी दी तो उसने आयशा व उसके होने वाले बच्चे को अपनाने से ही इनकार कर दिया। जिसके बाद आयशा ने आदिलाबाद के महिला पुलिस थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा कर वापस मायके आ गई।
पति -पत्नी के बीच होने वाले विवादों को आपसी समझौते से निपटाने के लिए पांढरकवडा स्थित महिला समेट कक्ष में भी दोनों पक्षों के बीच सुलह नहीं हो सकी। जिसके बाद विवाहिता ने वणी पुलिस थाने में पति जावेद, उसकी सास, ससुर, बुआ सास व दो ननदों के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई। उपरोक्त दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।










