वणी टाईम्स न्यूज : यवतमाल शहर के अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन के थानेदार पुलिस निरीक्षक नरेश रणधीर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) टीम ने शुक्रवार दोपहर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। थानेदार को उनके खुद के चेंबर में शिकायतकर्ता से एक लाख रूपये लेते समय एसीबी अधिकारियों ने धर दबोचा। अमरावती के भ्रष्टाचार प्रतिबन्धक विभाग द्वारा की गई इस कार्यवाही से जिला पुलिस दल में खलबली पैदा हो गई है। एसीबी की महिला पुलिस अधिकारी ने भेष बदलकर इस कार्यवाही को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने अपने मित्र को 10 लाख रुपये हाथ उधार (Hand Loan) के रूप में दिए थे। लेकिन समय बीत जाने के बाद भी मित्र पैसे वापस देने के लिए आनाकानी कर रहा था। उधारी के 10 लाख रुपए वापस पाने के लिए शिकायतकर्ता ने अवधूतवाड़ी पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक नरेश रणधीर के पास गुहार लगाई। लेकिन रिश्वतखोर थानेदार रणधीर ने 10 लाख वापस दिलाने के बदले 5 लाख रूपए रिश्वत की मांग की। आपसी समझौते के बाद मामला 3 लाख में तय हो गया।
शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत देने की इच्छा नहीं होने के कारण उसने अमरावती ACB को पूरी सच्चाई बता दी। ACB ने शिकायत की जांच की और शुक्रवार 12 दिसंबर दोपहर को अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन में ट्रैप लगाया। इस समय उप विभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाने थानेदार के कमरे में बैठे थे। बैसाने के जाते ही ACB टीम और शिकायतकर्ता वहां पहुंच गए। उन्होंने ACB टीम की एक महिला अधिकारी के सामने एक लाख रुपये की रिश्वत ली। ग्रामीण स्त्री का भेष बदलकर व एक छोटे बच्चे को अपनी कमर में लटकाकर आई पुलिस इंस्पेक्टर चित्रा मेसरे ने तुरंत रणधीर को गिरफ्तार कर लिया।
मजिस्ट्रेट के सामने कार्रवाई करने के बाद टीम रणधीर को यवतमाल ACB ऑफिस ले आई। इस मामले में ACB ने अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन में ही थानेदार रणधीर के खिलाफ रिश्वत का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई अमरावती क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक बापू बांगर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सचिंद्र शिंदे और पुलिस उप अधीक्षक सुनील किनगे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक चित्रा मेसरे, स्वप्निल निराले, कांस्टेबल शैलेश कडू, उपेंद्र थोरात, वैभव जयले, सतीश किटुकले और राजेश बहिरत ने की।










