वणी टाईम्स न्यूज : रविवार 15 जून को केदारनाथ घाटी में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत वणी के जैस्वाल परिवार के तीनों सदस्यों के मृतदेह लाने के लिए परिजन रुद्रप्रयाग पहुंच गए है। हादसे में सभी यात्रियों के शव बुरी तरह से जलने व क्षतविक्षत होने के कारण पहचान करने में मुश्किल आ रही है। परिजनों व मृत व्यक्तियों के डीएनए के मिलान के बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पोस्टमार्टम व डीएनए जांच की प्रक्रिया के चलते जैस्वाल परिवार के तीनों मृत सदस्यों के शव वणी लाने के लिए 36 से 48 घंटे का समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
आपको बता दे कि, वणी के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी व शिवभक्त राजकुमार उर्फ राजा जैस्वाल, उनकी पत्नी श्रद्धा जैस्वाल व 2 वर्ष की पुत्री काशी राजकुमार जैस्वाल की रविवार 15 जून की सुबह केदारनाथ घाटी में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई, जिसके कारण छोटी बच्ची काशी को छोड़कर सभी यात्रियों के शव बुरी तरह जलने की खबर है। दूसरी तरफ दुर्घटना के बाद केदारनाथ घाटी में बारिश व लैंड स्लाइड के कारण बचाव दल को मृतदेह पहाड़ी क्षेत्र से बाहर लाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार मृतकों के शरीर के बिखरे हुए अंग समेटकर रुद्रप्रयाग अस्पताल में रखे गए है।
दुर्घटना व आग के कारण क्षतविक्षत शवों की हालत को देखते हुए पहचान व डीएनए परीक्षण के लिए परिजनों को रुद्रप्रयाग बुलाया गया। जिसके बाद मृतक राजकुमार जैस्वाल के परिवार से उनके चाचा का पुत्र पीयूष जैस्वाल व मृतक श्रद्धा के परिवार से उसका भाई संजय बोरुले व अन्य एक सोमवार दोपहर रुद्रप्रयाग पहुंच गए है।जबकि मृतक राजकुमार जैस्वाल के साथ केदारनाथ धाम गए साढू प्रवीण महाजन व साली पूजा महाजन भी केदारनाथ से रुद्रप्रयाग पहुंच गए है। डीएनए परीक्षण, पोस्टमार्टम व अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
फादर्स डे के दिन दोनों बच्चों के सिर से उठा मातापिता का साया
मृतक राजकुमार जैस्वाल के पुत्र आरव (11) व विवान (7) अपने पिता के साथ केदारनाथ यात्रा पर नही गए थे। इसी कारण दोनों बच्चे सही सलामत बच गए। हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राजकुमार जायसवाल, पत्नी श्रद्धा जायसवाल व दो साल की पुत्री काशी की मृत्यु के बाद परिवार में राजकुमार जायसवाल की बूढ़ी मां व दोनों नाबालिग पुत्र ही बचे है। दुर्भाग्य से 15 जून को फादर्स डे के दिन हुई इस दुर्घटना से दोनों बच्चों के सिर से माता पिता का साया उठ गया। इस दुखद घटना ने परिजनों सहित शहर वासियों को झकझोर कर रख दिया है।










