जितेंद्र कोठारी, वणी : वणी नगर परिषद के नगराध्यक्ष व 28 नगरसेवकों के लिए 2 दिसंबर को चुनाव सम्पन्न हो गए। जबकि शहर के प्रभाग क्रमांक 14 (क) के लिए 20 दिसंबर को मतदान होना है। जिसके बाद 21 दिसंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव में खड़े उम्मीदवार व कार्यकर्ता बेसब्री से चुनाव परिणाम का इंतजार कर रहे है। फिलहाल सभी उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम मशीन में कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में कैद है।

चुनाव के बाद जहां एक और प्रत्याशी व उनकी पार्टी वोटो का हिसाब किताब लगाने में जुटे हुए है। वहीं दूसरी और शहर के चौराहों व चायपान की टपरियों पर चुनाव परिणाम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इन सब के बीच चुनावी सट्टेबाज भी सक्रिय हो गए है। हर कोई अपने अपने नजरिए से से चुनाव व परिणामों का आंकलन कर रहे है। अपने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में ऐसा गणित पेश किया जा रहा है, मानो जीत का सेहरा उनके उम्मीदवार के सिर पर ही सजेगा।
मतदान का प्रतिशत ?
बता दें कि वणी नगर परिषद के नगराध्यक्ष व 28 नगरसेवकों के लिए 2 दिसंबर को हुए चुनाव के लिए शहर के 14 प्रभागों में बनाए गए 62 मतदान केंद्रों पर 33126 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 16938 पुरुष व 16188 महिला मतदाता शामिल है। कुल मतदान शहर के कुल 49571 मतदाताओं का 66.83 प्रतिशत रहा।

सब से ज्यादा व सबसे कम मतदान
शहर में सबसे ज्यादा वोट प्रभाग क्रमांक 14 में आईटीआई संस्था के 5 नंबर कक्ष में हुआ, जहां कुल 642 मतदाताओं में से 548 मतदाताओं ने मतदान किया। यह मतदान का 85.36 प्रतिशत था। जबकि सबसे कम मतदान प्रभाग क्रमांक 8 में स्थित नगर परिषद विद्यालय नंबर 6 के 1 नम्बर कक्ष में हुआ। जहां पर 867 मतदाताओं में से सिर्फ 464 मतदाताओं में वोट डाले। यह कुल मतदाताओं का 53.52 प्रतिशत रहा। इस चुनाव में किसी भी ट्रांसजेंडर द्वारा मतदान किए जाने का उल्लेख नहीं किया गया है।
कौनसी पार्टी के कितने उम्मीदवार ?
वणी नगर परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नगराध्यक्ष सहित सभी (30) सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। जबकि महायुति से अलग होकर शिवसेना (एकनाथ शिंदे) ने भी नगराध्यक्ष व नगरसेवक की (29) सीटों पर प्रत्याशी चुनाव मैदान में खड़े किए थे। महाविकास आघाड़ी के अंतर्गत शिवसेना (उद्धव ठाकरे) ने नगराध्यक्ष व नगरसेवक (17) उम्मीदवार जबकि सहयोगी कांग्रेस पार्टी ने (12) उम्मीदवार चुनाव में उतारे। इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) (12), वंचित बहुजन आघाड़ी के (7), आम आदमी पार्टी के (8) तथा 42 निर्दलीय प्रत्याशी भी इस चुनाव में ताल ठोक कर खड़े थे।
सबके अपने अपने दावे
चुनाव के बाद व परिणाम से पहले सभी पार्टियां जीत का दावा कर रही है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी नगराध्यक्ष सहित 20 से 22 सीटों पर जीत का अनुमान लगा रही है। वहीं महाविकास आघाड़ी के नेता भी नगराध्यक्ष व लगभग 15 से 20 सीटे जीतने का दावा कर रहे है। महायुति से अलग होकर चुनाव लड़ रही शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के नेताओं को भी 5 से 7 सीटों पर जीत का भरोसा है। अन्य राजनीतिक दल व निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहे है। ऐसे में 21 दिसंबर को वोटो की गिनती के बाद ही पता चलेगा कि 29 सीटों में से से किसके हिस्से में कितनी सीटें आती है।
कौन बनेगा नगराध्यक्ष ?
वणी नगर परिषद के नगराध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार विद्या खेमराज आत्राम व शिवसेना (उद्धव ठाकरे) पक्ष की प्रत्याशी डॉ. संचिता विजय नगराले (गेडाम) के बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना है। सट्टा बाजार में भाजपा की विद्या आत्राम पर भाव कम होने की वजह से उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। चुनावी जानकारों के अनुसार नगराध्यक्ष चुनने के लिए कम से कम 15 से 18 हजार वोटो की जरूरत रहेगी। ऐसे में दोनों में से अगर कोई भी जीतता है तो जीत का फरक 1500 से 2500 वोटो के बीच रहने संभावना बताई जा रही है।










