वणी टाईम्स न्यूज |
वणी स्थित मार्कंडेय पोदार लर्न स्कूल में दो दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक समारोह ‘लक्ष्य 2.0’ अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की कला, संस्कार और सामाजिक संदेशों से परिपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

समारोह के प्रथम दिवस मुख्य अतिथि के रूप में ओमप्रकाश फुलारे, महाप्रबंधक (क्रमिक), डब्ल्यूसीएल (वणी उत्तर) उपस्थित रहे। जबकि जीतेंद्र प्रसाद, एरिया एचआर मैनेजर, डब्ल्यूसीएल (वणी उत्तर) विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन थे। द्वितीय दिवस के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक संजीवरेड्डी बोदकुरवार रहे। विशेष अतिथि के रूप में वणी नगर परिषद की नगराध्यक्ष विद्या आत्राम उपस्थित थीं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में मंदर ग्रामपंचायत की सरपंच वर्षा अनंत बोडे, उपसरपंच वंदना प्रशांत उपरे तथा दिनकर पावडे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, सरस्वती पूजन तथा आकाश में गुब्बारे छोड़कर की गई। विद्यार्थियों द्वारा ढोल-ताशा वादन ने समारोह की शोभा बढ़ाई। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृतिचिन्ह भेंट कर किया गया। विद्यालय के प्राचार्य भूषण अलोणे ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत भगवान नटराज की प्रार्थना के साथ आराधना नृत्य से हुई। इसके पश्चात रोबोट डांस, मिशन चंद्रयान, नारीशक्ति, भांगड़ा, कश्मीरी रुआफ, माइकल जैक्सन डांस, भारतीय सेना गौरव, ‘जंगल बुक’, ‘पानी बचाओ’, स्पोर्ट्स डांस, ‘अन्न बचाओ’, ‘मॉम-डैड थीम’, देशभक्ति तथा महाराष्ट्र दर्शन जैसे रंगारंग नृत्यों ने खूब तालियां बटोरीं।
नाट्य प्रस्तुतियों में मराठी नाटक ‘एक दिवस मोबाइल शिवाय’, हिंदी नाटक ‘सच्चा तीर्थयात्री’ तथा अंग्रेज़ी नाटक ‘Earth Needs a Break’ ने सामाजिक संदेशों के साथ दर्शकों को भावविभोर किया। संगीत प्रस्तुतियों में ‘या भारतात बंधुभाव’, ‘नित्य वसु दे’, ‘सुनो गौर से दुनिया वालों’, भूपाली राग की सुमधुर बंदिश तथा ‘You Make Me a Believer’ ने समां बांध दिया।
इस अवसर पर आराध्या सुहास मंदावार को डीएसओ डिवीजन स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु तथा स्वरा अमित टिपले को 100 प्रतिशत वार्षिक उपस्थिति के लिए ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के समस्त शिक्षकीय एवं अशिक्षकीय कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।










