वणी टाईम्स न्यूज | शहर के साईं नगरी क्षेत्र में रहने वाले एक युवक की शहर के ही एक होटल में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत होने की घटना सामने आई है। मृतक की पहचान यश सुगन कोचर (29) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार को यश का जन्मदिन था, लेकिन जन्मदिन से एक दिन पहले ही उसकी मौत हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मिली जानकारी के अनुसार, पड़ोस में शादी समारोह होने के कारण यश दिनभर विवाह कार्यक्रमों में व्यस्त था। रात में वह स्थानीय एस.बी. लॉन्स में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुआ था। कार्यक्रम के बाद वह घर पहुंचा, कपड़े बदले और अपने कुछ दोस्तों के साथ वरोरा रोड स्थित होटल आशीर्वाद में रुकने के लिए चला गया।
शनिवार 16 मई की सुबह कोचर परिवार को सूचना मिली कि यश की तबीयत खराब हो गई है और उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां एक कक्ष में यश का शव लावारिस हालत में पड़ा मिला। बेटे का शव देखते ही उसकी मां बेहोश हो गई, जबकि अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की जानकारी मिलने पर वणी पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया। प्राथमिक जांच में चिकित्सकों को शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, शव से विसरा का नमूना लेकर उसे जांच के लिए शासकीय प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। मृतक यश कोचर का शनिवार शाम करीब 6 बजे स्थानीय मोक्षधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
होटल में रुके दोस्त हुए गायब, बढ़ा संदेह !
यश कोचर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन घटना के बाद उसके साथ होटल के कमरे में रुके दो-तीन दोस्त अचानक गायब बताए जा रहे हैं, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के उसके दोस्त पहले उसे एक निजी अस्पताल लेकर गए थे। वहां से सरकारी अस्पताल रेफर किए जाने के बाद यश को सरकारी अस्पताल लाया गया। परिजनों और निकटवर्तियों का आरोप है कि दोस्तों ने अस्पताल के एक कमरे में शव रखकर वहां से निकल गए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
कोचर परिवार का “अमावस्या” कनेक्शन चर्चा में
मृतक यश कोचर की मृत्यु शनिवार 16 मई, अमावस्या के दिन हुई। परिजनों के अनुसार, इससे पहले पिछले वर्ष यश के चाचा तथा उससे पूर्व एक चचेरे भाई की मौत भी अमावस्या के दिन ही हुई थी। कोचर परिवार और “अमावस्या” के इस संयोग को लेकर इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इसे लेकर किसी प्रकार का वैज्ञानिक या आधिकारिक आधार सामने नहीं आया है।










