वणी टाईम्स न्यूज :
Western Coalfield Limited (WCL) के लाखों रुपयों की कोयला हेराफेरी के मामले में आखिरकार दोनों ट्रक चालकों के खिलाफ बुधवार रात पुलिस में मामला दर्ज किया गया है। कोयला परिवहन कंपनी, अधिकारियों, व्यापारियों व नेताओं की सांठगांठ से चलने वाले कोयला चोरी के संगठित नेटवर्क की बड़ी मछलियों को छोड़कर केवल ट्रक चालकों को बलि का बकरा बनाए जाने से से इस मामले की जांच संदेह के घेरे में आ गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कोयला चोरी के मामले में शिकायतकर्ता देवेंद्र प्रतापसिंह परिहार (59), वरिष्ठ प्रबंधक (WCL) द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई। जिसके आधार पर वणी पुलिस ने कृष्णा इंफ्रा कंपनी के ट्रक क्रमांक CG11-BM9033 और CG11-BM 3214 के ट्रक चालक सैफ अली व विश्वनाथ ( दोनों के उप नाम, उम्र व पता पुलिस द्वारा बताया नहीं गया) व अन्य संबंधित आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता धारा 316(3), 318(2) व 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।
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उल्लेखनीय है की शहर के लालपुलिया क्षेत्र में स्थित कुछ कोयला व्यापारियों द्वारा बड़े पैमाने पर कोयले की कालाबाजारी का काम धड़ल्ले से शुरु है। सरकारी कोयला खदानों से बिजलीघरों को आपूर्ति किये जाने वाला उच्चतम गुणवत्ता वाला कोयला रात के अंधेरे में इन कोल माफियाओं के गोदाम में खाली किया जाता है। बदले में निकृष्ट कोयला, चूरी व पत्थर भरकर उसे रेलवे साइडिंग पर अनलोड किया जाता है।
करोड़ो रुपयों के कोयला चोरी व कालाबाजारी के इस संगठित गिरोह में शामिल व्यापारी, सफेदपोश व अधिकारियों की ऊपर तक पहुंच बताई जाती है। ऐसे में उक्त मामले में निष्पक्ष जांच की अपेक्षा करना समुद्र में से मोती चुनने के बराबर होगी। कोयला परिवहन करने वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी के ट्रक चालक इस नेटवर्क में एक मोहरा मात्र है। जबकि कोयला चोरी खेल के असली खिलाड़ी अभी भी जांच के दायरे से बाहर है।










