वणी टाईम्स न्यूज – वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (Western Coalfields Limited) की उकणी कोयला खदान से उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस प्रकरण में वणी रेलवे साइडिंग के दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि पांच अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, खदान से रेलवे साइडिंग तक कोयला परिवहन करने वाली निजी कंपनी मे. कृष्णा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. को वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड ने एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्टेड कर दिया है।
कैसे हुआ पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 की रात करीब 1 से 3 बजे के बीच यह हेराफेरी की घटना हुई। कृष्णा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. का ट्रक क्रमांक MH 40 CD 7675 यह WCL की उकणी खदान से उच्च दर्जे का कोयला भरकर रेलवे साइडिंग के लिए निकला था। मगर गंतव्य तक पहुंचने से पूर्व ही रास्ते में अच्छा कोयला खाली कर कोयले की जगह मिट्टी और गिट्टी मिश्रित कोयला भरकर साइडिंग तक लाया गया।
सामान्यतः उकणी खदान से वणी साइडिंग तक पहुंचने में 1.5 से 2 घंटे लगते हैं, लेकिन संबंधित ट्रक लगभग 4 घंटे बाद साइडिंग पहुंचा। वजन (काटा) प्रक्रिया के दौरान जब माल खाली किया गया, तब इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
जांच समिति गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए WCL प्रशासन ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की। इसमें नोडल, सुरक्षा, सर्वे और सेफ्टी विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया। प्रारंभिक जांच में मिलीभगत के संकेत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई।
पुलिस जांच में देरी पर सवाल ?
इससे पहले भी 22 फरवरी को इसी तरह की घटना सामने आई थी, लेकिन वणी पुलिस थाना में दर्ज मामले की जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इस बार भी शुरुआती स्तर पर वणी पुलिस द्वारा शिकायत लेने से इनकार किए जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद वेकोलि अधिकारियों ने शिरपुर पुलिस में जांच का आवेदन दिया। इसके बाद WCL की तरफ से 24 अप्रैल को ऑनलाइन FIR दर्ज कराएं जाने की जानकारी मिली है
किन पर हुई कार्रवाई
सुरक्षा प्रमुख रशीद अहमद – निलंबित
डंपमैन प्रसाद पिंपळशेंडे – निलंबित
1 डंपमैन, 1 काटा बाबू, 3 सुरक्षा गार्ड – कारण बताओ नोटिस
डोजर ऑपरेटर – तबादला
साथ ही, ट्रक चालक मुकद्दर हुसैन और कंपनी के सुपरवाइजर गौतम सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
व्यापक स्तर पर कोयला चोरी का नेटवर्क?
विशेषज्ञों के अनुसार, WCL और अन्य कोयला खदानों में इस प्रकार की हेराफेरी कोई नई बात नहीं है। उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को रास्ते में निकालकर उसकी जगह निम्न स्तर की सामग्री भरना एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इस तरह की घटनाओं से सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान होता है, वहीं उद्योगों को भी निम्न गुणवत्ता का कोयला मिलने से उत्पादन प्रभावित होता है।
क्या कहते हैं जानकार ?
कोयला क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि, कोयला परिवहन वाहनों की GPS ट्रैकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग के बावजूद ट्रांसपोर्ट चेन में कई स्तरों पर मिलीभगत के चलते कई वर्षों से कोयले की हेराफेरी जारी है। WCL के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शिकायत देने के बावजूद पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज करने से आनाकानी व देरी भी इसी चेन का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या ?
WCL प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने तथा परिवहन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल निगरानी में लाने की तैयारी की जा रही है।
निष्कर्ष:
वणी में सामने आया यह मामला केवल एक घटना नहीं, बल्कि कोयला क्षेत्र में चल रहे बड़े गड़बड़झाले की ओर इशारा करता है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संगठित भ्रष्टाचार और गहरा सकता है।










