वणी टाईम्स न्यूज | वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की वणी नॉर्थ अंतर्गत उकनी कोयला खदान से महाजेनको को भेजे जा रहे उच्च गुणवत्ता के कोयले में कथित हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि महाजेनको के लिए लोड किया गया प्रीमियम कोयला बीच रास्ते निजी गोदाम में उतारकर उसके स्थान पर निकृष्ट दर्जे का कोयला रेलवे साइडिंग पर पहुंचाया गया।
क्या है पूरा मामला?
उकनी खदान से वणी स्थित रेलवे साइडिंग तक कोयला परिवहन का ठेका तीन कंपनियों को दिया गया है। इनमें से कृष्णा इंफ्रा नामक ट्रांसपोर्ट कंपनी के ट्रक क्रमांक CG-11-BM-9033 व CG-11-BM-3214 सोमवार रात कोयला लोड कर साइडिंग के लिए निकले। आरोप है कि उक्त दोनों ट्रक चालकों ने कोयला साइडिंग पर खाली न कर लालपुलिया स्थित निजी कोयला गोदाम में उतार दिया। इसके बाद यवतमाल रोड स्थित दूसरे कोयला डिपो से निकृष्ट कोयला व कोयला चुरी भरकर रात लगभग 11 बजे रेलवे साइडिंग पहुंचे।
ट्रकों के साइडिंग पर पहुंचने के समय के बारे साइडिंग मैनेजर को शंका होने पर ट्रकों में भरे कोयले की जांच की गई। जांच में कोयला उकनी खदान का न होकर निम्न गुणवत्ता का पाया गया। ट्रक चालकों से पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर साइडिंग मैनेजर ने महाराष्ट्र सुरक्षा दल (MSF) को बुलाया। सुरक्षा जवानों ने दोनों चालकों को हिरासत में लिया, लेकिन रात के अंधेरे में दोनों चालक चकमा देकर फरार हो गए।
कोयले की हेराफेरी की जानकारी मिलने पर मंगलवार को WCL के जनरल मैनेजर, सब-एरिया मैनेजर सहित अन्य अधिकारी शिकायत दर्ज कराने वणी पुलिस थाने पहुंचे। सूत्रों के अनुसार WCL के वरिष्ठ अधिकारी पिछले दो घंटे से शिकायत दर्ज करने के लिए थानेदार की केबिन में मौजूद हैं । लेकिन थानेदार मौजूद नहीं होने के कारण शिकायत में विलंब हो रहा है।
मिलीभगत का आरोप !
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि कोयला ट्रांसपोर्टर, वेकोली के अधिकारियों और पुलिस की कथित मिलीभगत से लालपुलिया क्षेत्र के कुछ कोयला व्यापारियों द्वारा लंबे समय से उच्च दर्जे का कोयला अपने प्लॉट पर उतारने का गोरखधंधा चल रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि शिकायत केवल ट्रक चालकों तक सीमित रहती है या ट्रांसपोर्ट कंपनी एवं कथित रूप से शामिल कोयला व्यापारियों को भी आरोपी बनाया जाता है। साथ ही, पुलिस जांच महज औपचारिकता साबित होगी या पुलिस कोयला चोरी की जड़ों तक पहुंचेगी — यह सवाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
महाजेनको पर संभावित असर
महाजेनको को उच्च गुणवत्ता का कोयला आपूर्ति किया जाता है। यदि इस प्रकार की हेराफेरी लंबे समय से जारी है, तो यह न केवल आर्थिक क्षति का मामला है बल्कि विद्युत उत्पादन की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल पूरे प्रकरण ने वणी क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कोयला आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच और कार्रवाई की दिशा में अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।










