जितेंद्र कोठारी, वणी | यवतमाल जिले के वणी शहर में इन दिनों ड्रग्स और नशे का कारोबार तेजी से पैर पसारता दिखाई दे रहा है। करीब एक लाख की आबादी वाले इस शहर में गांजा, मैफेड्रॉन (एमडी), जॉम्बी ड्रग सहित कई प्रकार के नशीले पदार्थों की चोरीछिपे बिक्री होने की चर्चा आम होती जा रही है। शहर के नागरिकों और पालकों में इस बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर चिंता का माहौल है।
📍युवाओं और नाबालिगों को बनाया जा रहा निशाना
सूत्रों के अनुसार शहर के कुछ असामाजिक तत्व कॉलेज छात्रों, बेरोजगार युवाओं, मजदूर वर्ग तथा नाबालिग लड़कों को नशे की लत लगाने का काम कर रहे हैं। शुरुआत में मुफ्त या कम दाम में नशा उपलब्ध कराया जाता है, बाद में उन्हें इसका आदी बना दिया जाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल-कॉलेज के आसपास भी संदिग्ध गतिविधियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। कुछ युवाओं का व्यवहार अचानक बदलना, देर रात तक घर से बाहर रहना और पैसों की बढ़ती जरूरत पालकों के लिए चिंता का विषय बन रहा है।
📍तेलंगाना, नागपुर और चंद्रपुर से जुड़ रहे तार
शहर में हो रही चर्चा के अनुसार ड्रग सप्लाई का नेटवर्क तेलंगाना, नागपुर और चंद्रपुर तक फैला हुआ है। बाहरी जिलों से नशीले पदार्थ लाकर शहर में छोटे-छोटे नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
फटाफट पैसा कमाने की लालच में शहर के कुछ युवा भी ड्रग्स की तस्करी और बिक्री में शामिल होने की चर्चा सामने आ रही है। इससे अपराध जगत में नए युवकों की एंट्री होने का खतरा बढ़ गया है।
वीरान इलाके और लेआउट बन रहे ड्रग हॉटस्पॉट
शहर के कुछ सुनसान इलाके, खाली प्लॉट, अधूरे लेआउट और वीरान स्थान कथित रूप से नशेड़ियों के अड्डे बनते जा रहे हैं। देर रात इन स्थानों पर संदिग्ध युवकों की आवाजाही बढ़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर खुलेआम गांजा पीने और नशा करने की घटनाएं देखी जा रही हैं, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों में भय का वातावरण है।
📍पुलिस की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल ?
हालांकि समय-समय पर पुलिस द्वारा कुछ छोटी-मोटी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आती है, लेकिन नागरिकों का आरोप है कि ड्रग्स के बड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में वणी शहर की स्थिति “उड़ता पंजाब” जैसी हो सकती है। बढ़ते नशे के कारण चोरी, मारपीट, लूटपाट और अन्य अपराधों में भी वृद्धि होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
पालकों को सतर्क रहने की जरूरत
सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने पालकों से अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। बच्चों के मित्र मंडली, खर्च, मोबाइल उपयोग और देर रात बाहर रहने जैसी बातों पर निगरानी रखने की आवश्यकता बताई जा रही है।
साथ ही शहर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाने, स्कूल-कॉलेज स्तर पर काउंसलिंग करने तथा पुलिस प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर कार्रवाई किए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।










