जितेंद्र कोठारी, वणी | यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून हो, तो छोटे शहरों की बेटियां भी दुनिया के आसमान में अपनी पहचान बना सकती हैं। इसी बात को साबित किया है यवतमाल जिले के वणी की सुपुत्री विधी सुरेश बाजोरिया ने। अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता की नई उड़ान भरते हुए विधी ने पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। अमेरिका में 15 माह का कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह स्वदेश लौटी हैं और जल्द ही Air India में कमर्शियल पायलट के रूप में अपनी सेवाएं देंगी। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे वणी क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
विधी बाजोरिया की प्राथमिक शिक्षा वरोरा में हुई। इसके बाद उन्होंने नागपुर में बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की तथा उच्च शिक्षा के लिए मुंबई का रुख किया। मुंबई में अध्ययन के दौरान ही उनका चयन एयर इंडिया में हुआ। चयन के बाद उन्हें गुरुग्राम में चार माह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके पश्चात अमेरिका के फीनिक्स शहर में 15 महीने का उन्नत पायलट प्रशिक्षण पूरा कर उन्होंने अपने सपने को साकार किया।
विधी बाजोरिया की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि वे वणी तहसील की पहली महिला पायलट बनने का गौरव प्राप्त कर रही हैं। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की बेटियों के लिए यह सफलता एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है।
शनिवार, 13 जून को वणी पहुंचने पर विधी बाजोरिया का भव्य स्वागत किया गया। परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने उनका अभिनंदन कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की। इस अवसर पर पूर्व विधायक संजीवरेड्डी बोदकुरवार ने बाजोरिया निवास पहुंचकर विधी को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए विधी बाजोरिया ने इसका श्रेय अपने पिता सुरेश बाजोरिया, माता बरखा बाजोरिया तथा चीनू बाजोरिया के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के समर्थन और आत्मविश्वास के बल पर ही वह इस मुकाम तक पहुंच सकीं। विधी बाजोरिया की यह प्रेरणादायक यात्रा वणी सहित पूरे यवतमाल जिले की युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल बन गई है।










