वणी टाईम्स न्यूज : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोली) की उकणी ओपन कास्ट कोयला खदान में गुरुवार 8 मई को दोपहर करीब 2 बजे भीषण भू-स्खलन की घटना सामने आई। अचानक मिट्टी और गाद का विशाल ढेर खिसकने से खदान में काम कर रहे दो डंपर पूरी तरह मिट्टी के नीचे दब गए। हालांकि, दोनों डंपर चालकों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उकणी खुली कोयला खदान में बड़े पैमाने पर मशीनों से मिट्टी हटाकर कोयला निकाला जाता है। करीब 100 मीटर तक खुदाई के बाद कोयले की परत मिलती है, जिसके कारण खदान में अत्यंत गहरे गड्ढे बन चुके हैं। बताया जा रहा है कि बारिश के मौसम में खदान में भारी मात्रा में पानी जमा हो जाता है। इस पानी को पंपों के माध्यम से बाहर निकालकर ऊपर बनाए गए शिल्ड (तालाब) में संग्रहित किया जाता है।
गुरुवार को इसी पानी के नीचे मौजूद कोयले के उत्खनन का कार्य जारी था। इसी दौरान अचानक शिल्ड को लगी पार खिसक गई, जिससे गादयुक्त पानी और मिट्टी का तेज बहाव नीचे आ गया। इसकी चपेट में आकर वहां काम कर रहे दो डंपर पूरी तरह दब गए। घटना के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दोनों चालक किसी तरह डंपर से बाहर निकलने में सफल रहे और अन्य कर्मचारियों की मदद से सुरक्षित स्थान तक पहुंचे।
इस घटना के बाद वेकोली प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कामगारों का आरोप है कि “वेकोली प्रशासन सुरक्षा सप्ताह के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन वास्तविकता में मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी की जाती है।” कामगारों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इस प्रकार के हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। घटना के बाद वेकोली कर्मियों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।










