वणी टाईम्स न्यूज : दूसरों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपयों के अवैध लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने रविवार 10 मई को वणी में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद वणी शहर और आसपास के क्षेत्र में फर्जी बैंक खातों के जरिए चल रहे संदिग्ध आर्थिक नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आने लगी हैं।

जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए युवकों के नाम गणेश गौहोकर और पवन चहानकर बताए जा रहे हैं, जो समीपस्थ नांदेपेरा गांव के निवासी हैं। कार्रवाई के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच दोनों युवकों को अपने साथ मुंबई ले गई, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
💻 साइबर ठगों का नया तरीका : किराए पर लिए जा रहे बैंक खाते
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि देश के विभिन्न शहरों में सक्रिय साइबर ठग और आर्थिक अपराधों से जुड़े गिरोह ग्रामीण तथा छोटे शहरों के युवाओं को आसानी से अपना शिकार बना रहे हैं। विशेष रूप से कॉलेज विद्यार्थियों, बेरोजगार युवकों और मजदूर वर्ग को हर महीने 10 से 15 हजार रुपये देने का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जा रहे हैं या पहले से मौजूद खातों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अधिकांश खाताधारकों को यह तक जानकारी नहीं होती कि उनके बैंक खातों से करोड़ों रुपयों का अवैध ट्रांजेक्शन किया जा रहा है। कई मामलों में खाताधारक केवल एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी गिरोह को सौंप देते हैं। इसके बाद उन्हीं खातों का उपयोग ऑनलाइन फ्रॉड, सायबर ठगी, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों में किया जाता है।
🏦 वणी में 180 से अधिक खाते जांच एजेंसियों के रडार पर
वणी टाईम्स न्यूज को विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वणी शहर और आसपास के क्षेत्रों में तकरीबन 180 से अधिक बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराधों और संदिग्ध लेनदेन के लिए किए जाने की आशंका है। बताया जा रहा है कि इन खातों की जानकारी इनकम टैक्स विभाग, साइबर सेल और विभिन्न अपराध जांच एजेंसियों तक पहुंच चुकी है।
जांच एजेंसियां ऐसे बैंक खातों को लगातार ट्रेस कर रही हैं जिनमें अल्प समय में लाखों और करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। कई खातों में रकम जमा होने के तुरंत बाद अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
👮 पूछताछ में सामने आ सकते हैं और नाम
मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा हिरासत में लिए गए दोनों युवकों से पूछताछ जारी है। सूत्रों का मानना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के नाम भी जल्द सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क केवल वणी तक सीमित है या इसके तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। बताया जाता है कि कुछ स्थानीय एजेंट युवाओं को बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले कमीशन भी लेते थे। जांच में ऐसे बिचौलियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस की चेतावनी : बैंक खाता किराए पर देना अपराध
पुलिस और जांच एजेंसियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। बैंक खाता किराए पर देना अथवा किसी अन्य के लिए संचालित करना कानूनन अपराध है।
पुलिस ने खाताधारकों को समय-समय पर अपने बैंक खाते की जानकारी जांचने और किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की तुरंत सूचना बैंक तथा पुलिस को देने की सलाह दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी खाते में संदिग्ध आर्थिक गतिविधि पाई जाती है तो खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, भले ही उसने खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति को क्यों न सौंपा हो।
मुंबई क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई के बाद वणी शहर में अवैध बैंकिंग नेटवर्क और साइबर अपराधों को लेकर चिंता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।










