
वणी टाईम्स न्यूज : मारेगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लाखापुर गांव में फर्जी पुलिस बनकर एक किसान से मारपीट और जबरन वसूली करने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। खुद को LCB पुलिस बताकर तीन आरोपियों ने युवक के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उसके पिता को धमकाकर 1500 रुपये की जबरन वसूली भी की। हालांकि, मारेगांव पुलिस की तत्परता से घटना के महज एक घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को कार सहित गिरफ्तार कर लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मंगेश दिलीप मेश्राम (30), निवासी लाखापुर, तहसील मारेगांव 14 जनवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे अपने मित्र गणेश कवड्ड कुळसंगे के साथ वर्धा नदी से स्नान कर लौटते समय वनोजादेवी मंदिर बस स्टॉप के पास स्थित अरुण बटे के होटल पर चाय पीने रुके थे। इसी दौरान सफेद रंग की टाटा नेक्सॉन कार (क्रमांक MH32 AX 6254) से उतरे तीन व्यक्तियों ने सार्वजनिक स्थान पर कुर्सी पर पैर फैलाकर बैठने पर आपत्ति जताने पर खुद को LCB पुलिस बताते हुए मंगेश के साथ थप्पड़ों और लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की।
डर के कारण मंगेश घर की ओर भागा, तो आरोपी कार से उसका पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंच गए। वहां उन्होंने उसके पिता को धमकाकर “पुलिस कार्रवाई” का भय दिखाते हुए 1500 रुपये की जबरन वसूली की। बाद में पीड़ित को समझ आया कि आरोपी फर्जी पुलिस हैं और उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। तो उसने डायल 112 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी।
डायल 112 से मिली जानकारी व मामले की गंभीरता को देखते हुए मारेगांव पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वणी–मारेगांव मार्ग पर मार्डी चौक में नाकाबंदी की और सिनेस्टाइल पीछा कर सफेद रंग की टाटा नेक्स कार सहित तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया।गिरफ्तार आरोपियों के नाम हर्षल रामेश्वर ठाकरे (38), निवासी आर्वी नाका, जि. वर्धा, हरीष कैलासराव ठाकरे (34), निवासी रामनगर, जि. वर्धा व अनंता अजाबराव धोटे (39), निवासी तिरझडा, तहसील कळंब, जि. यवतमाल है। लूटपाट का आरोपी हर्षल ठाकरे यह सेना का रिटायर्ड जवान बताया जाता है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204, 318, 115(2), 352 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक श्याम वानखेडे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक दिगंबर किनाके तथा पुलिस कांस्टेबल सागर दीपेवार कर रहे हैं। इस घटना से क्षेत्र में खलबली मच गई है, वहीं मारेगांव पुलिस की तत्पर कार्रवाई की सराहना की जा रही है।










